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SUPER NAPIER GRASS STICK (सुपर नेपियर घास)

4.00 3.00

1 Acre = 11000 Stick

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Description

जानिए, क्या होती है नेपियर घास
पशुपालकों को हरे चारे की सबसे ज्यादा परेशानी होती है, बरसीम, मक्का, ज्वार जैसी फसलों से तीन-चार महीनों तक ही हरा चारा मिलता है। लेकिन सुपर नेपियर घास इस समस्या को पांच से 10 साल तक के लिए यह समस्या खत्म कर देती है। दरअसल सुपर नेपियर घास  की हाईब्रिड वैरायटी है। जो कि न केवल बंजर जमीन बल्कि खेतों की मेड़ों पर उगाई जा सकती है। केवल सिंचित करने की आवश्यकता है। फरवरि से अक्तुबर सुपर नेपियर घास की रोपाई करने का यही सही समय है। यह घास बीस से पच्चीस दिन में तैयार हो जाती है। सुपर नेपियर घास का उत्पादन प्रति एकड़ लगभग 4000 से 5000 क्विंटल होता है। एक बार घास की कटाई करने के बाद उसकी शाखाएं पुनः फैलने लगती है।
सुपर नेपियर घास से 10 से 15 प्रतिशत बढ़ जाती है दूध की मात्रा
दुधारू पशुओं के लिए हरा चारा सबसे उपयुक्त माना जाता है। लेकिन किसान बरसाती सीजन में ही मवेशियों को उपलब्ध करा पाते हैं। गर्मियों के सीजन में खेतों में चारा ढूंढ़ने से भी नहीं मिलता है। सुपर नेपियर घास गर्मियों के मौसम में भी हरी रहती है और हाईब्रिड की हाेने के कारण इसके खाने से दुधारू पशु 10 से 15 प्रतिशत अधिक दूध देने लगते हैं।
 सुपर नेपियर घास से चारे का खर्च बचा, दूध उत्पादन 15%बढ़ गया
दुग्ध का व्यवसाय करने वाले किसान अब दुधारू पशुओं में दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए सुपर नेपियर घास उगाकर दुधारू पशुओं को दुग्ध का व्यवसाय करने वाले किसान अब दुधारू पशुओं में दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए सुपर सुपर नेपियर घास उगाकर दुधारू पशुओं को खिला रहे हैं। इससे दूध की मात्रा बढ़ने के साथ पशु चारे में होने वाले किसानों के खर्च में भी कमी आई है। कृषि विज्ञान केंद्र ने पशु पालने वाले 10 किसानों के खेतों में सुपर नेपियर घास लगाई। जब यह सुपर नेपियर घास पशुओं को खिलाई गई तो दूध की मात्रा बढ़ गई। केन्द्र के पशु चिकित्सा वैज्ञानिको ने बताया कि दुधारू पशुओं को दुग्ध उत्पादन के लिए हरे चारे की महत्वपूर्ण भूमिका है लेकिन पानी की कमी, उत्तम बीज की कमी एवं अन्य कारकों के कारण पशु पालक अपने दुधारू पशुओं को हरा चारा उपलब्ध नहीं करा पाते हैं।

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